सच्चा प्यार मुझे ढूंढ लेगा – सामंथा रूथ प्रभु का दिल छू लेने वाला इमोशनल पोस्ट
साउथ सिनेमा की क्वीन और लाखों दिलों की धड़कन सामंथा रूथ प्रभु ने एक बार फिर अपने शब्दों से फैंस को रुला दिया है। इंस्टाग्राम पर लिखा उनका छोटा सा पोस्ट इतना गहरा है कि पढ़ते ही हर किसी को अपनी अधूरी मोहब्बत और टूटी हुई यादें याद आ जाती हैं।
अपनी जिंदगी के नए अध्याय के बारे में सामंथा ने खुलासा कियादर्द से भरी मोहब्बत और टूटा रिश्ता
सामंथा की ज़िंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। नागा चैतन्य से उनकी शादी हुई थी लेकिन रिश्ता ज़्यादा दिन तक नहीं चल पाया। दोनों की जोड़ी को लोग आदर्श मानते थे, मगर किस्मत को कुछ और मंजूर था तलाक के बाद सामंथा ने कई बार कहा कि यह दौर उनके लिए बहुत भारी रहा लोगों की बातें समाज की नज़रे और अंदर का खालीपन – सबने मिलकर उनके दिल पर गहरे निशान छोड़े सामंथा ने अपने ताज़ा पोस्ट में लिखा मुझे बदलने की ज़रूरत नहीं सच्चा प्यार मुझे मेरी असली पहचान के साथ ही ढूंढ लेगा यह लाइन साधारण लग सकती है मगर इसके पीछे उनकी सारी पीड़ा छुपी है जब इंसान टूट चुका हो और फिर भी उम्मीद बनाए रखे कि कहीं न कहीं कोई है जो उसे उसी रूप में चाहेगा, तो वह वाकई सच्चा प्यार होता है।
खुद को स्वीकार करने की सीख
उन्होंने साफ किया कि अब वे खुद को बदलने की कोशिश नहीं करेंगी ज़िंदगी ने उन्हें सिखा दिया है कि असली जीत खुद को अपनाने में है उनके मुताबिक इंसान चाहे कितना भी बड़ा कलाकार क्यों न हो अंदर से वही जख्मी डरता हुआ और प्यार चाहता हुआ दिल होता है।
साउथ सिनेमा की क्वीन की नई पोस्ट ने सबका ध्यान खींचा।बीमारी से जंग और हौसला
सिर्फ दिल ही नहीं शरीर ने भी उन्हें परखा मायोसाइटिस नाम की गंभीर बीमारी से जूझते हुए उन्होंने बताया कि कई बार दर्द इतना बढ़ जाता था कि काम करना नामुमकिन लगता था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी धीरे-धीरे हिम्मत जुटाई और कहा कि अब वह फिर से शूटिंग पर लौटना चाहती हैं उनके शब्दों में – Filming is my first true love. पर्सनल लाइफ की आंधियों के बीच भी सामंथा ने अपने करियर को थमने नहीं दिया। द फैमिली मैन 2 से लेकर ऊ अंटावा जैसे गानों ने उन्हें नई ऊँचाइयों पर पहुंचा दिया। अब वह नए प्रोजेक्ट्स जैसे Bangaram और वेब सीरीज़ पर काम कर रही हैं।
मां बनने का सपना
सामंथा ने यह भी माना कि वह हमेशा माँ बनने का सपना देखती रही हैं। उनका कहना है कि उम्र या हालात इस ख्वाहिश को रोक नहीं सकते। यह उनकी मासूम चाह है जो उनके दिल में अब भी ज़िंदा है।
सामंथा की ये पोस्ट और उनके जीवन के अनुभव हमें यही सिखाते हैं कि –
मोहब्बत जब सच्ची हो तो इंसान को बदलने की ज़रूरत नहीं होती।
दर्द चाहे कितना भी बड़ा हो, अगर हिम्मत और उम्मीद जिंदा है तो इंसान जीत सकता है।
खुद से प्यार करना सबसे ज़रूरी है, तभी दुनिया भी हमें वैसे ही अपनाएगी।
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