दिल्ली फार्महाउस से 328 किलो ड्रग्स बरामद, कीमत 262 करोड़ रुपये
दिल्ली और नोएडा में बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस और NCB ने मिलकर एक बड़ा ड्रग रैकेट बेनकाब किया है। दिल्ली के एक फार्महाउस से 328 किलो मेथामफेटामाइन बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग 262 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में नोएडा का एक सेल्स मैनेजर मुख्य आरोपी निकला, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई से पूरे शहर और आसपास के इलाकों में ड्रग्स की अवैध सप्लाई पर बड़ा झटका लगा है।
दिल्ली पुलिस और NCB की कार्रवाई में 328 किलो ड्रग्स बरामदमास्टरमाइंड का खुलासा
जांच में सामने आया कि नोएडा का यह सेल्स मैनेजर पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड था। उसने ड्रग्स की सप्लाई नेटवर्क को संभाल रखा था और दिल्ली और नोएडा के कई हिस्सों में इसे वितरित किया जा रहा था। आरोपी की निशानदेही और तकनीकी जांच के बाद ही पूरे रैकेट का पर्दाफाश संभव हुआ। अधिकारियों ने बताया कि कई अन्य लोग भी इस नेटवर्क में शामिल थे, जिनकी पहचान अभी चल रही है।
बरामद ड्रग्स और कीमत
328 किलो मेथामफेटामाइन की कीमत लगभग 262 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह ड्रग्स मुख्य रूप से युवाओं और विभिन्न शहरों में सप्लाई की जा रही थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा की बरामदगी शहर में ड्रग्स की अवैध आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव डालेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से न केवल अपराधियों पर दबाव बढ़ेगा, बल्कि युवाओं के लिए भी चेतावनी संदेश जाएगा।
पुलिस और NCB की टीम की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस और NCB की टीम ने महीनों की छानबीन के बाद फार्महाउस पर छापा मारा। पूरे रूट की निगरानी, टेक्निकल जांच और गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई संभव हुई। फार्महाउस से सभी संदिग्ध सामग्री जब्त कर ली गई और पूरे ऑपरेशन को सुरक्षा और गोपनीयता के साथ अंजाम दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से शहर में ड्रग्स की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ
नोएडा का मुख्य आरोपी पूछताछ में कई बड़े राज़ खोल रहा है। उसने बताया कि ड्रग्स के नेटवर्क में कई अन्य लोग शामिल थे, जो अलग-अलग शहरों में सप्लाई का काम कर रहे थे। पुलिस अब पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान कर रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि बड़े सिंडिकेट को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी और निगरानी जारी रहेगी। इस बड़ी बरामदगी से दिल्ली और नोएडा के आसपास के इलाके कुछ हद तक सुरक्षित हुए हैं। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे बड़े ऑपरेशन नियमित रूप से किए जाएंगे, ताकि ड्रग्स की सप्लाई पर स्थायी रोक लगाई जा सके।
विशेषज्ञों की राय
ड्रग कंट्रोल विशेषज्ञों का कहना है कि यह बड़ी बरामदगी युवाओं और समाज के लिए एक चेतावनी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले दिखाते हैं कि ड्रग्स का कारोबार कितना संगठित है और इसे रोकने के लिए लोगों को जागरूक रहना होगा। विशेषज्ञों ने युवाओं से अपील की है कि वे ड्रग्स से दूर रहें और पुलिस से सहयोग करें। पुलिस और NCB अब पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रहे हैं। कई अन्य शहरों में सप्लाई करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जाएगा और इससे ड्रग्स की अवैध सप्लाई पूरी तरह प्रभावित होगी।
