बागपत दहेज हत्या मामला स्कॉर्पियो और 10 लाख न मिलने पर पति ने पत्नी को फांसी पर लटका दिया

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बागपत दहेज हत्या मामला स्कॉर्पियो और 10 लाख न मिलने पर पति ने पत्नी को फांसी पर लटका दिया

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक दुखद घटना ने समाज और पुलिस प्रशासन को झकझोर दिया है गोठरा गांव के एक घर में पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी क्योंकि दहेज के रूप में मांगी गई मांग पूरी नहीं हुई पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच तेज़ कर दी है यह घटना दहेज प्रथा की कड़वी हकीकत को सामने लाती है और समाज में महिला सुरक्षा की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करती है।

पति ने स्कॉर्पियो और 10 लाख न मिलने पर पत्नी को मारा।
                         पति ने स्कॉर्पियो और 10 लाख न मिलने पर पत्नी को मारा।

घटना का विवरण  दहेज की मांग और प्रताड़ना

बताया जा रहा है कि मृतका इशिका की कुछ समय पहले सचिन से शादी हुई थी शादी के बाद सचिन ने दहेज के रूप में स्कॉर्पियो SUV और 10 लाख रुपये की मांग रख दी जब इशिका के परिवार ने यह मांग पूरी नहीं की तो सचिन का व्यवहार धीरे-धीरे हिंसक होने लगा घरेलू जीवन तनावपूर्ण हो गया और इशिका को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी आरोप है कि इसी अत्याचार के चलते सचिन ने अपनी पत्नी को घर में ही फांसी पर लटका दिया परिजन और पड़ोसियों के अनुसार शादी के कुछ ही समय बाद से सचिन लगातार कार और नकद राशि की मांग करता रहा परिवार की ओर से समझौता करने की कोशिशें की गईं लेकिन पति की मांगें बढ़ती ही चली गईं इस दबाव और निरंतर प्रताड़ना ने इशिका के जीवन को असहनीय बना दिया घरेलू तनाव बढ़ता गया और अंतत यह घटना सामने आई।

परिवार की प्रतिक्रिया पुलिस की कार्रवाई  दहेज प्रथा समाज में चुनौती

इशिका के परिजन इस घटना से गहरा सदमे में हैं मृतका की मां ने बताया कि उनकी बेटी को दहेज की मांग के चलते प्रताड़ित किया गया और जब उन्होंने दबाव झेला तब सचिन ने उसकी जान ले ली परिजन ने पुलिस से न्याय की मांग की और कहा कि यह केवल व्यक्तिगत झगड़ा नहीं बल्कि सामाजिक कुप्रथा का गंभीर परिणाम है पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम करवा दिया परिजनों की तहरीर के आधार पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी भारत में दहेज पर कड़े कानून मौजूद हैं लेकिन यह कुप्रथा आज भी कई इलाकों में व्याप्त है दहेज की मांग न पूरी होने पर महिलाओं को मानसिक प्रताड़ना शारीरिक हिंसा और कभी-कभी हत्या का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कानूनी प्रावधान ही पर्याप्त नहीं हैं समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है।

सामाजिक चेतना और बदलाव की आवश्यकता

यह घटना दर्शाती है कि दहेज प्रथा केवल कानून से नहीं रुकेगी बल्कि परिवार समाज और समुदाय को मिलकर इस बुराई के खिलाफ कदम उठाने होंगे महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है इस तरह के मामलों से यह भी स्पष्ट होता है कि शिक्षा और सामाजिक बदलाव के बिना महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती बागपत के गोठरा गांव में हुई यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि दहेज प्रथा कितनी खतरनाक और घातक हो सकती है स्कॉर्पियो और 10 लाख रुपये न मिलने पर हुई इस हत्या ने समाज में महिला सुरक्षा न्याय और सामाजिक जागरूकता की जरूरत को दोबारा उजागर किया है आरोपी पति को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है लेकिन यह सवाल बरकरार है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए समाज और प्रशासन को क्या और कदम उठाने चाहिए।

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