1500 करोड़ के महाठगी नेटवर्क में फँसे सोनू सूद और खली कानपुर पुलिस ने भेजा नोटिस
कानपुर पुलिस ने हाल ही में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ठगी मामले का पर्दाफाश किया है जिसमें आरोप है कि फर्जी कंपनियों के जरिये लोगों से लगभग ₹1,500 करोड़ जमा किए गए इस नेटवर्क का सरगना है रविंद्र नाथ सोनी जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
सोनू सूद और खली कानपुर पुलिस ने भेजा नोटिसपुलिस के मुताबिक सोनी ने ब्लूचिप नामक कंपनियों की आड़ में लोगों को मोटा रिटर्न देने का लालच देकर निवेश कराया जांच में यह सामने आया कि यह घोटाला केवल भारत तक सीमित नहीं रहा कई विदेशी निवेशक भी इसके शिकार हुए हैं इस मामले में मीडिया और शिकायतकर्ताओं के बयानों के आधार पर सोनू सूद और खली का भी नाम जुड़ता दिखा पुलिस का कहना है कि दोनों ने सोनी की फर्जी कंपनियों का प्रमोशन किया था इसलिए उन्हें पूछताछ के लिए कानूनी नोटिस भेजा गया।
कानपुर पुलिस की कार्रवाई नोटिस और जांच
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर सोनू सूद और खली को औपचारिक नोटिस भेजा गया इसका मतलब है कि पुलिस केवल आरोपों की जांच कर रही है न कि किसी को दोषी ठहरा रही है एसआईटी ने सोनी के खिलाफ प्राथमिक जाँच शुरू कर दी है इसमें बैंक ट्रांजेक्शन निवेश दस्तावेज क्रिप्टो वॉलेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल शामिल है साथ ही अन्य निवेशकों के बयान और शिकायतों का रिकॉर्ड भी जुटाया जा रहा है पुलिस ने बताया कि अभी तक 700 से अधिक निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई है जिनमें भारत और विदेश दोनों के लोग शामिल हैं।
सोनू सूद और खली आरोप और स्थिति
अखबार रिपोर्ट्स के अनुसार सोनू सूद और खली ने सोनी की फर्जी कंपनी का प्रमोशन किया था इसका मतलब था कि लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया गया हालांकि जांच पूरी नहीं हुई है इसलिए फिलहाल आरोप केवल जांच के दायरे में हैं पुलिस या अदालत ने दोनों को अभी तक आरोपी नहीं ठहराया है नोटिस का मतलब दोषी होना नहीं यह केवल पूछताछ की प्रक्रिया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी और सावधानी
यह पूरा मामला दिखाता है कि कैसे फर्जी कंपनियां शेल-कंपनियां और बड़े रिटर्न का लालच लोगों को धोखे में डाल सकते हैं अगर आप निवेश करने जा रहे हैं तो ध्यान रखें बड़े रिटर्न के लालच वाले ऑफर से सतर्क रहें कंपनी के प्रमोटर या मार्केटिंग पार्टनर की पृष्ठभूमि जांचें फर्जी दस्तावेज विदेशी वॉलेट हवाला और क्रिप्टो ऑफर से दूर रहें इससे साबित होता है कि सिर्फ नाम और प्रतिष्ठा पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है। पारदर्शिता और सही जांच बहुत जरूरी है
आगे क्या देखने को मिलेगा जांच साक्ष्य और न्याय
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला केवल नोटिस तक सीमित नहीं है बैंक लेनदेन क्रिप्टो वॉलेट विदेशी ट्रांजेक्शन और शिकायतों की जांच जारी है जांच के बाद ही पता चलेगा कि सोनू सूद और खली की भूमिका कितनी रही क्या वे सिर्फ प्रमोटर थे या सीधे निवेशकों को आकर्षित करने में शामिल थे जो निवेशक शिकायत कर चुके हैं उनकी आवाज़ सुनी जाएगी अगर पर्याप्त सबूत मिले तो मामला गंभीर कानूनी कार्रवाई तक जा सकता है।
1500 करोड़ रुपये का यह घोटाला सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं बल्कि सामाजिक चेतावनी भी है चाहे वह कोई फ़िल्मी सितारा हो या पहलवान निवेश और प्रमोशन से जुड़ी बातें सोच–समझ कर करना जरूरी है शॉर्टकट रिटर्न का लालच अक्सर धोखे में बदल जाता है अगर जांच निष्पक्ष हुई तो दोषियों को सजा मिलेगी और इससे ऐसे लोगों को संदेश जाएगा जो वादा करके निवेशकों को लुभाते हैं।