तीन साल में CAPFs में 438 आत्महत्याएं 7 फ्रैट्रिसाइड और 23 हजार से ज्यादा इस्तीफे
हाल ही में संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में तीन साल में 438 जवानों ने आत्महत्या की जबकि 7 मामले फ्रैट्रिसाइड के दर्ज किए गए इसके अलावा 2014 से अब तक 23,360 से अधिक जवानों ने CAPFs से इस्तीफा दिया यह आंकड़े सुरक्षा बलों में मानसिक स्वास्थ्य और नौकरी के दबाव की गंभीर समस्या को उजागर करते हैं।
2014 से अब तक 23 हजार से ज्यादा जवानों ने इस्तीफा दिया।CAPFs में आत्महत्या और फ्रैट्रिसाइड का आंकड़ा
सरकार ने लोकसभा में बताया कि बीते तीन वर्षों में CAPFs असम राइफल्स और NSG में कुल 438 आत्महत्याएं हुईं इनमें 2023 में 157, 2024 में 148 और 2025 में 133 मामले दर्ज हुए इसी दौरान 7 फ्रैट्रिसाइड (साथी जवान द्वारा हत्या) की घटनाएं भी सामने आईं यह आंकड़ा सुरक्षा बलों में तनाव और मानसिक दबाव की गंभीरता को दिखाता है अधिकारियों का कहना है कि लगातार मिशन लंबी ड्यूटी और कठिन परिस्थितियों में काम करने से जवानों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
2014 से अब तक इस्तीफों की संख्या
सरकार ने यह भी बताया कि 2014 से अब तक 23,360 से अधिक जवानों ने CAPFs से इस्तीफा दिया। इनमें सबसे अधिक इस्तीफे BSF से (7,493) CRPF से (6,591) और CISF से (3,068) दर्ज किए गए इस्तीफे के पीछे कई कारण हैं जैसे कठिन कामकाजी परिस्थितियां परिवार से दूर रहना नौकरी में करियर ग्रोथ का अभाव और व्यक्तिगत दबाव।
जवानों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य
CAPFs और अन्य सुरक्षा बलों में मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है जवानों की सुरक्षा और मानसिक स्थिरता के लिए नियमित काउंसलिंग ड्यूटी संतुलन और अवकाश नीति को मजबूत करना जरूरी है सुरक्षा बलों में फ्रैट्रिसाइड जैसी घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि जवानों के बीच तनाव और आंतरिक विवाद गंभीर हो सकते हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में बताया कि सरकार लगातार जवानों के कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य के लिए कदम उठा रही है उन्होंने कहा कि सभी CAPFs में मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन काउंसलिंग और प्रशिक्षकों के माध्यम से सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध कराया गया है इसके अलावा जवानों के लिए नियमित अवकाश और परिवार से संपर्क की सुविधा बढ़ाई जा रही है CAPFs में आत्महत्या और फ्रैट्रिसाइड की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक है मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन और काउंसलिंग को और प्रभावी बनाना जवानों की ड्यूटी समय और अवकाश का संतुलन सुनिश्चित करना कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले जवानों के लिए विशेष प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान करना आंतरिक विवादों और दबावों को समय पर पहचानना और समाधान करना।
तीन साल में 438 आत्महत्याएं 7 फ्रैट्रिसाइड और 23 हजार से ज्यादा इस्तीफे CAPFs में गंभीर समस्या को उजागर करते हैं यह आंकड़े जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल के दबाव पर गंभीर विचार करने की आवश्यकता दिखाते हैं सरकार और सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी है कि जवानों के कल्याण और मानसिक सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं।