IndiGo Crisis: नियम कड़े हुए तो उड़ानें रुकेंगी! सरकार के सामने इंडिगो की बड़ी मांग

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IndiGo Crisis: नियम कड़े हुए तो उड़ानें रुकेंगी सरकार के सामने इंडिगो की बड़ी मांग

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है। नए FDTL नियम लागू होने के बाद कंपनी लगातार उड़ानें रद्द कर रही है और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि इंडिगो ने सरकार के सामने साफ तौर पर कहा है कि अगर नियमों में तुरंत राहत नहीं मिली तो उड़ान संचालन को सामान्य बनाना लगभग असंभव होगा। एयरलाइन का यह संदेश अब चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है।

इंडिगो की उड़ानें लगातार रद्द, यात्रियों को भारी परेशानी।
                               इंडिगो की उड़ानें लगातार रद्द, यात्रियों को भारी परेशानी।

नए नियमों ने उड़ाया इंडिगो का शेड्यूल

DGCA द्वारा लागू किए गए नए FDTL यानी Flight Duty Time Limitations नियमों के चलते पायलटों की ड्यूटी, आराम और नाइट ऑपरेशन से जुड़ी सख्त पाबंदियाँ लागू की गईं हैं। इन नियमों में रात की उड़ानों पर सीमाएँ, पायलटों के लिए लंबा अनिवार्य आराम और साप्ताहिक शेड्यूल में बदलाव शामिल हैं। इंडिगो का कहना है कि इतने बड़े नेटवर्क और हजारों दैनिक उड़ानों के बीच अचानक इन नियमों को लागू करना उनके लिए ऑपरेशनल तौर पर लगभग असंभव हो गया है। कंपनी के मुताबिक नए शेड्यूल के अनुरूप पायलटों की उपलब्धता काफी घट गई है जिसके चलते बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ रही हैं।

एयरलाइन ने कहा– राहत नहीं मिली तो हालात और बिगड़ेंगे

इंडिगो ने अपनी आधिकारिक बातचीत में साफ तौर पर बताया कि जब तक DGCA कुछ नियमों में अस्थायी राहत नहीं देता तब तक उड़ान संचालन सामान्य नहीं हो पाएगा। एयरलाइन के अनुसार पायलटों का आराम और सुरक्षा बेहद जरूरी है लेकिन अचानक लागू हुए कड़े नियमों से स्टाफ मैनेजमेंट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कंपनी ने कहा कि इस स्थिति में उन्हें मजबूरन उड़ानें रद्द करनी पड़ रही हैं और यह सिलसिला तब तक जारी रह सकता है जब तक सरकार कोई समाधान नहीं देती।

यात्रियों की बढ़ी परेशानी एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी

दिल्ली मुंबई बेंगलुरु हैदराबाद कोलकाता और पुणे समेत कई बड़े शहरों में इंडिगो की उड़ानें लगातार रद्द हो रही हैं। कई यात्रियों का कहना है कि उन्हें एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद पता चलता है कि उनकी फ्लाइट कैंसिल हो चुकी है। दिल्ली एयरपोर्ट ने भी एडवाइजरी जारी कर यात्रियों से कहा है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले फ्लाइट स्टेटस जरूर चेक कर लें। कई जगह यात्रियों को रिफंड और रीबुकिंग के लिए लंबा इंतजार भी करना पड़ा।

सरकार ने लिया संज्ञान DGCA कर रहा समीक्षा

स्थिति बिगड़ने के बाद केंद्र सरकार और DGCA हर अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि DGCA ने पायलटों के ड्यूटी घंटे से जुड़े नियमों में कुछ अस्थायी ढील देने पर विचार किया है ताकि उड़ान संचालन धीरे-धीरे सामान्य हो सके। सरकार ने एयरलाइन से यह भी कहा है कि यात्रियों को पूरा सहयोग दिया जाए और रद्द की गई उड़ानों के लिए तत्काल रिफंड या मुफ्त रीबुकिंग उपलब्ध कराई जाए।

इंडिगो की बड़ी मांग क्या है

एयरलाइन ने मांग की है कि रात की उड़ानों से जुड़े सख्त नियमों को अस्थायी रूप से ढीला किया जाए
पायलटों के आराम से जुड़ी नई समयसीमा में लचीलापन दिया जाए शेड्यूल में बदलाव के लिए कुछ अतिरिक्त समय दिया जाए ताकि नेटवर्क स्थिर किया जा सके इंडिगो का कहना है कि अगर इन मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो उड़ान रद्द होने का सिलसिला बढ़ सकता है और देशभर की एयर ट्रैवल सर्विस पर असर पड़ेगा।

क्या आगे भी जारी रहेगा संकट

एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर DGCA और इंडिगो के बीच संतुलित समाधान निकल जाता है, तो अगले कुछ दिनों में स्थिति सुधर सकती है। लेकिन अगर नियमों में ढील नहीं दी गई तो आने वाले समय में भी उड़ानें रद्द होने का खतरा बना रहेगा। अभी इंडिगो अपने स्टाफ और शेड्यूल को समायोजित करने की कोशिश कर रहा है लेकिन यह प्रक्रिया आसान नहीं है।

IndiGo Crisis ने यह साफ कर दिया है कि एविएशन इंडस्ट्री में अचानक नियम बदलने से कितना बड़ा ऑपरेशनल दबाव बन सकता है। एयरलाइन की मांगों पर सरकार क्या फैसला लेती है इसी पर आने वाले दिनों में यात्रियों की राहत और उड़ानों की स्थिति निर्भर करेगी। फिलहाल यात्रियों को सलाह है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांच लें।

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