लखनऊ KGMU मामला छात्रा का यौन शोषण धर्मांतरण का दबाव डॉक्टर पर गंभीर आरोप

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लखनऊ KGMU मामला छात्रा का यौन शोषण धर्मांतरण का दबाव डॉक्टर पर गंभीर आरोप

लखनऊ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने सह‑रेज़िडेंट पर यौन शोषण और धर्मांतरण का दबाव डालने का आरोप लगाया है यह मामला न केवल विश्वविद्यालय में बल्कि पूरे प्रदेश में सुर्खियाँ बटोर रहा है और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।

लखनऊ KGMU मामला छात्रा ने डॉक्टर पर यौन शोषण का आरोप लगाया।
                            पुलिस और महिला आयोग ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए।

मामले का पूरा विवरण

पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके सह‑रेज़िडेंट पुरुष डॉक्टर ने शुरुआत में उसे प्रेम का झांसा देकर मित्रता की। इसके बाद आरोपी ने शादी का वादा किया यौन संबंध बनाए और बाद में उसे धर्म परिवर्तन का दबाव दिया महिला ने बताया कि जब उसने धर्म परिवर्तन से मना किया तो आरोपी ने उसे मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया इस दबाव के चलते पीड़िता ने आत्महत्या का प्रयास भी किया जिसे समय रहते रोका गया और उसे चिकित्सकीय सहायता दी गई विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक यह मामला कानूनी और सामाजिक दोनों दृष्टियों से गंभीर है।

परिवार का दर्द और शिकायत

पीड़िता के परिवार ने कहा कि उनकी बेटी मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान है परिवार ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल और उत्तर प्रदेश महिला आयोग में दर्ज कराई है परिवार का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कठोर और तेज़ कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी छात्रा ऐसी परिस्थितियों का सामना न करे उन्होंने मीडिया और प्रशासन से तेज़ कार्रवाई की अपील भी की है स्थानीय पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी और पीड़िता दोनों के बयान लिए जा रहे हैं मेडिकल रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है और सभी सबूतों की जांच जारी है राज्य महिला आयोग ने भी केजीएमयू प्रशासन को सख्त और निष्पक्ष जांच का निर्देश दिया है।

KGMU प्रशासन की प्रतिक्रिया धर्मांतरण का दबाव सामाजिक

केजीएमयू प्रशासन ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि वे स्थिति को पूरी संवेदनशीलता के साथ देख रहे हैं विश्वविद्यालय के प्रबंधन और मानव संसाधन विभाग ने घोषणा की है कि दोनों पक्षों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा जांच रिपोर्ट आने तक कोई अधिकार हनन या अन्य कार्रवाई नहीं होगी और यदि आरोप साबित होते हैं तो सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे अध्यापक संघ और छात्र प्रतिनिधियों ने भी पूरी पारदर्शिता और तेज़ जांच की मांग की है इस मामले का दूसरा विवादास्पद पहलू यह है कि आरोपी ने पीड़िता पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला यह घटना सामाजिक स्तर पर भी बहस का विषय बनी हुई है धर्म से जुड़ी संवेदनशीलता सीधे सामाजिक और सांस्कृतिक मान्यताओं को प्रभावित करती है किसी भी व्यक्ति पर धर्म बदलने का दबाव डालना कानूनी दृष्टि से गलत है और यह व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अधिकारों का उल्लंघन भी है इस वजह से कई सामाजिक और मानवाधिकार संगठन इस मामले पर बयान जारी कर चुके हैं।

मामले की गंभीरता और सामाजिक महत्व

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शैक्षणिक संस्थान में छात्रों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा की बात करता है यौन शोषण और लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन को उजागर करता है और धार्मिक स्वतंत्रता तथा व्यक्तिगत निर्णय की गरिमा की रक्षा से जुड़ा है महिला अधिकार संगठन छात्र संघ और सामाजिक कार्यकर्ता इस मामले को लेकर सख्त प्रतिक्रिया दे रहे हैं और आरोपियों के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। जांच अभी जारी है और सभी संबंधित पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं पुलिस महिला आयोग और विश्वविद्यालय प्रशासन निष्पक्ष निष्कर्ष निकालने का प्रयास कर रहे हैं जैसे ही इस मामले में नया अपडेट आएगा जनता को तुरंत सूचित किया जाएगा यह मामला न केवल कानूनी रूप से बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और इसकी निगरानी पूरे प्रदेश में जारी है।

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