Parliament में Vande Mataram मुद्दे पर Rahul Gandhi की पहली प्रतिक्रिया प्रियंका का भाषण सुनो

newsrohit.com

Parliament में Vande Mataram मुद्दे पर Rahul Gandhi की पहली प्रतिक्रिया प्रियंका का भाषण सुनो

संसद के शीतकालीन सत्र में Vande Mataram को लेकर चल रही बहस अचानक और तेज़ हो गई जब कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी से मीडिया ने पूछा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों और बहस की दिशा पर क्या प्रतिक्रिया देना चाहेंगे Rahul Gandhi ने लंबा बयान देने के बजाय सिर्फ चार शब्द कहे प्रियंका का भाषण सुनो ये छोटा जवाब अब राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा का विषय बन चुका है।

राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई।
                  राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई।

Vande Mataram बहस क्यों शुरू हुई?

Vande Mataram के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लोकसभा में एक विशेष चर्चा आयोजित की गई थी उसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में 1937 की घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कथित तौर पर गीत के कुछ हिस्सों को हटाने का फैसला किया था। इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों में बहस शुरू हो गई कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री तथ्यों को अधूरा पेश कर रहे हैं और इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं इसी माहौल में पत्रकारों ने राहुल गांधी से उनकी प्रतिक्रिया पूछी।

Rahul Gandhi का छोटा लेकिन रणनीतिक बयान

राहुल गांधी ने बिना किसी भावनात्मक या राजनीतिक विवाद में उलझे सिर्फ इतना कहा प्रियंका का भाषण सुनो।
उनका यह जवाब दो बातों की ओर इशारा करता है वे व्यक्तिगत टिप्पणी से बचना चाहते थे कांग्रेस पार्टी Vande Mataram विवाद पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया Priyanka Gandhi Vadra के वक्तव्य के ज़रिए रखना चाहती है यह जवाब भले छोटा था लेकिन इससे यह साफ संकेत मिला कि कांग्रेस रणनीतिक तरीके से इस मुद्दे को संभाल रही है। पार्टी चाहती है कि विवाद का जवाब एक संगठित और स्पष्ट स्वर में दिया जाए ताकि सरकार की तरफ से उठाए गए मुद्दों का जवाब ठोस और फैक्ट बेस्ड हो।

Priyanka Gandhi पर क्यों टिका है कांग्रेस का भरोसा?

Priyanka Gandhi हाल ही में संसद में सक्रिय हुई हैं और माना जा रहा है कि पार्टी उनके भाषणों को जनता के बीच अधिक प्रभावशाली मानती है कई राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस चाहती है कि यह संवेदनशील मुद्दा किसी ऐसे नेता द्वारा उठाया जाए जो भाजपा की बयानबाजी का सीधा और तार्किक जवाब दे सके। Priyanka गांधी ने पहले भी कई बार इतिहास संविधान और सांस्कृतिक मुद्दों पर सरकार को तथ्यात्मक तरीके से घेरा है।
इसलिए Rahul Gandhi का जवाब व्यक्तिगत टिप्पणी से ज्यादा party line की ओर इशारा करता है।

राहुल गांधी के चार शब्दों का प्रभाव विपक्ष और मीडिया में तेजी से फैल गया। कई विपक्षी दलों ने कहा कि राहुल ने जानबूझकर छोटा जवाब दिया ताकि विवाद बढ़ने के बजाय कांग्रेस का आधिकारिक दृष्टिकोण सामने आए।
वहीं भाजपा नेताओं ने इसे बचने की कोशिश बताया। हालांकि कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि पार्टी का उद्देश्य इस मुद्दे को विवाद नहीं बल्कि इतिहास और तथ्यों के आधार पर चर्चा करना है।

मामला राजनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?

Vande Mataram एक राष्ट्रगीत ही नहीं बल्कि भावनाओं और राष्ट्रीयता का प्रतीक भी है किसी भी राजनीतिक बयान से जनता की संवेदनाएं प्रभावित हो सकती हैं इसी वजह से कांग्रेस ने इस मुद्दे को संभालने में सावधानी दिखाई है। राहुल गांधी ने खुद बयान देने की जगह Priyanka Gandhi पर भरोसा जताकर यह संदेश दिया कि यह सिर्फ भावनात्मक मुद्दा नहीं बल्कि इतिहास और राजनीति से जुड़ा एक व्यापक विषय है।

Rahul Gandhi की यह पहली प्रतिक्रिया छोटी जरूर है लेकिन यह उनकी पार्टी की रणनीति को साफ दिखाती है। उन्होंने विवाद में सीधे उतरने के बजाय पार्टी को एक सशक्त और एकजुट आवाज देने का रास्ता चुना है। अब सबकी नज़रें Priyanka Gandhi के भाषण पर हैं जिसमें वे संभवतः इस मुद्दे के ऐतिहासिक राजनीतिक और संवैधानिक पहलुओं पर विस्तार से बात करेंगी।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!