शेख हसीना को बिरयानी क्यों दी जा रही है? सौरभ भारद्वाज ने BJP से सवाल किया

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शेख हसीना को बिरयानी क्यों दी जा रही है सौरभ भारद्वाज ने BJP से सवाल किया

हाल ही में राजनीतिक हलकों में एक नया विवाद उभरा है भाजपा नेता और पूर्व सांसद सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि शेख हसीना को बिरयानी क्यों दी जा रही है जबकि देश में अवैध घुसपैठ के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उनके इस सवाल ने मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर तेज़ी से चर्चा शुरू कर दी है यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक पड़ोसी देश की प्रधानमंत्री और भारत की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा जुड़ा हुआ है।

BJP की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
                         BJP की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

सौरभ भारद्वाज का बयान  BJP का रुख

सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि देश में अवैध घुसपैठ बढ़ रही है और इसके बावजूद शेख हसीना को यह विशेष सम्मान क्यों दिया जा रहा है यह समझ से बाहर है उन्होंने कहा कि भारत सरकार को पहले अपनी आंतरिक सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए उनका यह बयान मीडिया में वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर भारी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं भाजपा की ओर से इस मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा से अधिक नहीं है और किसी तरह का विशेष क्रिया या निर्णय नहीं लिया गया है लेकिन सौरभ भारद्वाज के सवाल ने पार्टी के लिए एक नई बहस को जन्म दिया है राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के सवाल जनता के बीच सरकार की संवेदनशीलता पर प्रकाश डालते हैं और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते हैं।

 विवाद का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव अवैध घुसपैठ का मुद्दा

सौरभ भारद्वाज के बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है विपक्षी पार्टियों ने इसे लेकर ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिक्रियाएं दी हैं कुछ लोगों ने इसे सामरिक और कूटनीतिक दृष्टि से सही सवाल माना जबकि कुछ ने इसे मज़ाक और राजनीतिक बयानबाज़ी करार दिया इस घटना ने यह साफ कर दिया कि जनता और मीडिया दोनों इस मुद्दे को लेकर सतर्क हैं इस मामले का संबंध सीधे तौर पर अवैध घुसपैठ से जुड़ा है। सौरभ भारद्वाज का तर्क है कि भारत में अवैध घुसपैठ लगातार बढ़ रही है और इससे देश की आंतरिक सुरक्षा पर खतरा बनता है इस बीच पड़ोसी देश की प्रधानमंत्री को सम्मान देने की प्रक्रिया ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को और तेज कर दिया विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के मुद्दे राजनीतिक दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील होते हैं और जनता के बीच तेज़ी से चर्चा पैदा करते हैं।

मीडिया और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया आगे की संभावनाएं

इस बयान के बाद मीडिया हाउस और सोशल मीडिया पर लोगों ने विभिन्न प्रतिक्रियाएं दीं ट्विटर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कई लोगों ने इसे सुरक्षा और कूटनीति पर सवाल मानते हुए टिप्पणियाँ कीं वहीं कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक बयानबाज़ी बताते हुए आलोचना की इस प्रकार यह मुद्दा मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स दोनों पर चर्चा का केंद्र बन गया। इस मामले के बाद राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि सरकार को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना पड़ेगा कि किसी विदेशी नेता को सम्मान देने की प्रक्रिया क्यों अपनाई गई आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक बहस का हिस्सा भी बन सकता है वहीं विपक्षी नेताओं की निगाहें इस मामले पर बनी रहेंगी और सोशल मीडिया पर इसका लगातार ट्रेंड होने की संभावना है।

सौरभ भारद्वाज का सवाल शेख हसीना को बिरयानी क्यों दी जा रही है न केवल राजनीतिक बहस का विषय बन गया है बल्कि जनता और मीडिया के बीच भी इसका व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है इस मुद्दे ने दिखा दिया कि भारत में राजनीतिक सामाजिक और सुरक्षा से जुड़े मामले कितने संवेदनशील होते हैं आने वाले दिनों में इस पर सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक हलचल पर सबकी नजरें बनी रहेंगी।

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