नोएडा बिसरख हत्याकांड पूजा के बहाने बुलाकर तांत्रिक की निर्मम हत्या पुलिस ने आरोपी पकड़े
उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले के बिसरख थाना क्षेत्र में तांत्रिक नरेश प्रजापति की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस हत्या के मामले में मुठभेड़ के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें से दो घायल हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त कार धारदार हथियार अवैध तमंचे कारतूस और मृतक का मोबाइल बरामद किया गया है।
नोएडा बिसरख वशीकरण विवाद में तांत्रिक हत्याहत्या की साजिश और घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, तांत्रिक नरेश प्रजापति का गांव के प्रवीण शर्मा से विवाद था। आरोप है कि नरेश ने वशीकरण कर प्रवीण की पत्नी को अपने साथ कर लिया था, जिससे वह घर छोड़कर चली गई। इससे नाराज प्रवीण ने अपने परिचित सुनील कुमार के जरिए हत्या की साजिश रची और बदले में गाजियाबाद में 100-100 गज के प्लॉट व लग्जरी कार देने का लालच दिया। सुनील ने नीरज, सौरभ, अंकित और प्रवीण मावी को साथ मिलाया। 2 अगस्त को आरोपियों ने नरेश को पूजा पाठ के बहाने बुलाकर कार में बैठाया, रास्ते में गला घोंटा और नहर किनारे धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी। शव को झाड़ियों में फेंक दिया और पहचान के दस्तावेज व मोबाइल नष्ट कर दिए।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारीपुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी मानवाधिकार और न्याय
14 अगस्त की रात पुलिस ने चेकिंग के दौरान स्विफ्ट डिजायर कार को रोका आरोपी भागने लगे लेकिन पीछा करने पर उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई फायरिंग में दो घायल हुए और तीन को पकड़ लिया गया। डीसीपी शक्ति अवस्थी ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जा रही है इस घटना ने तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के कारण होने वाली हिंसा और मानवाधिकारों के उल्लंघन की गंभीरता को उजागर किया है। मानवाधिकार संगठनों ने इस प्रकार की घटनाओं की निंदा की है और सरकार से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है आशा है कि न्यायालय इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष सुनवाई करेगा ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके और समाज में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
तंत्र-मंत्र और व्यक्तिगत विवादों के कारण होने वाली हिंसा को दर्शाता है पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है यह आवश्यक है कि समाज में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।