ग्रेटर नोएडा लिफ्ट में 45 मिनट तक फँसी महिला निवासियों ने बिल्डर पर गुस्सा जताया
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आधुनिक सोसाइटियों में रहना लोग अक्सर सुरक्षित और आरामदायक जीवन की उम्मीद में चुनते हैं मगर कई बार यही सुविधाएँ भारी भी पड़ जाती हैं ऐसा ही वाकया हाल ही में ग्रेटर नोएडा की एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में हुआ जहाँ एक महिला पूरे 45 मिनट तक लिफ्ट में फँसी रही इस घटना ने न केवल पीड़िता को भयभीत कर दिया बल्कि सोसाइटी के निवासियों का गुस्सा भी सातवें आसमान पर पहुँचा दिया।
लिफ्ट में फँसी महिला निवासियों ने बिल्डर पर नाराज़गी जताईकैसे हुआ हादसा ऑपरेटर ने बचाई जान
यह घटना सोसाइटी के डी टावर की है। बताया जा रहा है कि एक घरेलू सहायिका मेड 13 वीं मंजिल से लिफ्ट के जरिए नीचे आ रही थी अचानक लिफ्ट झटके के साथ नीचे गिरी और तीसरी मंजिल पर आकर अटक गई अंदर फँसी महिला घबराहट में चीखने-चिल्लाने लगी लेकिन लिफ्ट का अलार्म और इंटरकॉम भी काम नहीं कर रहे थे करीब 45 मिनट तक महिला वहीं फँसी रही समय बीतने के साथ उसकी हालत बिगड़ने लगी और वह अचेत होने लगी बाहर खड़े सोसाइटी निवासी उसे बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन उनके पास लिफ्ट खोलने का कोई साधन नहीं था आख़िरकार पास की एक सोसाइटी से लिफ्ट ऑपरेटर को बुलाया गया ऑपरेटर ने मौके पर पहुँचकर लिफ्ट को मैन्युअली खोला और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला राहत की बात रही कि समय रहते महिला की जान बच गई वरना हादसा और भी बड़ा हो सकता था।
निवासियों का गुस्सा फूटा पुलिस में शिकायत
घटना के बाद से ही एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के निवासियों का गुस्सा बिल्डर और मेंटेनेंस टीम पर फूट पड़ा लोगों का कहना है कि लिफ्ट की हालत लंबे समय से खराब थी कई बार शिकायत भी की गई लेकिन बिल्डर ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया निवासियों ने आरोप लगाया कि मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने मोटी रकम ली जाती है लेकिन सुरक्षा और सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है यह किसी की जान भी ले सकती थी गंभीर लापरवाही को देखते हुए सोसाइटी निवासियों ने थाने में जाकर बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है निवासियों का कहना है कि जब तक बिल्डर इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकालता वे विरोध जारी रखेंगे। लिफ्ट हादसे में महिला फँसी सुरक्षा पर उठे सवाल
सोसाइटी में दहशत का माहौल लिफ्ट हादसों का बढ़ता खतरा
इस घटना ने सोसाइटी के निवासियों के मन में डर बैठा दिया है अब लोग लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बच रहे हैं खासकर बच्चे और बुजुर्ग कई परिवारों का कहना है कि वे अपने घरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं एक निवासी ने कहा अगर 45 मिनट तक महिला को बाहर न निकाला जाता तो उसकी जान भी जा सकती थी हम अपने बच्चों और बुजुर्गों को इस लिफ्ट में कैसे भेजें गौर करने वाली बात यह है कि दिल्ली एनसीआर की कई सोसाइटियों में पिछले कुछ समय से लिफ्ट खराब होने और लोगों के फँसने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिल्डर्स अक्सर लागत बचाने के लिए लिफ्ट की समय समय पर सही तरह से सर्विसिंग नहीं कराते जिससे ऐसी जानलेवा स्थितियाँ पैदा होती हैं।
अब आगे क्या?
निवासियों का कहना है कि वे बिल्डर पर दबाव बनाएंगे ताकि जल्द से जल्द सोसाइटी में सुरक्षा और मेंटेनेंस की व्यवस्थाओं को सुधारा जाए अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन भी करेंगे इस पूरी घटना ने साफ़ कर दिया है कि आधुनिक सोसाइटियों में केवल ऊँची इमारतें और दिखावटी सुविधाएँ ही काफी नहीं हैं जब तक सुरक्षा और मेंटेनेंस का जिम्मेदाराना रवैया नहीं होगा तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।