बरेली में सावन के अंतिम सोमवार को बारिश बनी मुसीबत
दो कांवड़िए बाइक सहित 10-फीट गहरे नाले में गिरे लेकिन बच गए हुई बरेली पशुपतिनाथ मंदिर के पास लगातार बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं नालों का जलस्तर ऊँचा हो गया और ट्रैफिक बाधित हुआ बारिश इतनी तेज़ थी कि सड़कों पर जलभराव ने कई जगहों को नजरअंदाज कर दिया और लोग असहाय हो गए।
मंदिर के पास दो कांवड़ियों के साथ भयावह हादसा
4 अगस्त 2025 (सावन का आखिरी सोमवार) सुबह से जोरदार बारिश शुरू
उसी बीच पशुपतिनाथ मंदिर के पास दो कांवड़ियों के साथ भयावह हादसा घटी शिशुपाल और अशोक (सुभाषनगर निवासी) गंगाजल लेने पशुपतिनाथ मंदिर गए थे और जलाभिषेक कर लौट रहे थे कैसे हुआ हादसा बारिश की वजह से रोड पर पानी जमा था। गहरे नाले को दिखाई नहीं दे रहा था, और दोनों बाइक समेत उसमें गिर पड़े गहराई लगभग 10 फीट का गहरा नाला था जिसमें से दोनों बहने लगे पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत मुस्तैद हुए और दोनों को पानी से बाहर निकाला बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय मौके पर पहुंचे तथा फायर ब्रिगेड टीम को बुलवाया। दमकल कर्मियों ने नाले में गिरी बाइक भी निकाल ली परिणाम दोनों कांवड़ियों को कोई गंभीर चोट नहीं आई। उन्होंने बचाव टीम को धन्यवाद कहते हुए यात्रा जारी की।
मासूमियत पर उठता सवाल
यह हादसा सिर्फ एक चेतावनी भर नहीं बल्कि एक आरंभिक संकेत है जल निकासी व्यवस्था निष्क्रिय थी बारिश ने पूरे शहर में जलभराव पैदा कर दिया सुरक्षा की कमी पशुपतिनाथ जैसे श्रद्धा स्थलों पर व्यवस्थाओं का अभाव साफ झलकता है पहले से पर्याप्त चेतावनी थी बावजूद प्रशासन ने गंभीरता से लिया नहीं अत्यधिक बारिश भी जानलेवा हो सकती है, खासकर जब शहर की ढांचागत व्यवस्था कमजोर हो भगवान की आस्था में शारीरिक सुरक्षा भी उतनी ही ज़रूरी है विशेषकर कांवड़ यात्रा जैसे अवसरों पर प्रशासन को अब सावन पर्व के दौरान विशेष सुरक्षा जल निकासी और ट्रैफिक व्यवस्थाएँ पहले से तैयार रखनी चाहिए।
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