काशी विश्वनाथ धाम में प्लास्टिक प्रतिबंध लागू – पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम
जनजागरूकता और तैयारी
काशी विश्वनाथ धाम हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है जहां प्रतिदिन हजारों से लेकर लाखों श्रद्धालु पूजा और दर्शन के लिए आते हैं इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने‑जाने के कारण प्लास्टिक कचरे का उत्पादन भी बहुत बढ़ जाता था जिससे धाम परिसर और आसपास की पवित्र गंगा नदी के किनारे प्रदूषण की समस्या दिनों‑दिन बढ़ती जा रही थी इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन स्थानीय निगम और अधिकारियों ने मिलकर यह बड़ा कदम उठाया है।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यह प्रतिबंध केवल धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं रखा गया है बल्कि यह एक बड़े पर्यावरण संरक्षण अभियान का हिस्सा भी है वाराणसी नगर निगम द्वारा पूरे शहर में प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया गया है जिसमें सड़कें कांवड़ मार्ग और अन्य सार्वजनिक स्थल भी शामिल हैं मंदिर प्रशासन का मानना है कि यदि यह सफल होता है तो देश के अन्य धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों के लिए भी यह एक मॉडल बन सकता है।
काशी विश्वनाथ धाम प्लास्टिक प्रतिबंध
श्रद्धालुओं और दुकानदारों की प्रतिक्रिया इस कदम का महत्व
श्रद्धालु इस पहल का स्वागत कर रहे हैं और इसे गंगा की पवित्रता और धाम की स्वच्छता के लिए एक जरूरी कदम बता रहे हैं वहीं समय‑समय पर दुकानदारों को भी इस बदलाव के लिए तैयार किया जा रहा है और अधिकांश व्यापारी अब बांस और स्टील के विकल्पों की ओर रुख कर चुके हैं हालांकि कुछ स्थलों पर शुरुआती कठिनाइयाँ भी देखने को मिलीं जैसे पुराने स्टॉक वाले प्लास्टिक सामान की बिक्री में गिरावट लेकिन धीरे‑धीरे लोग बदलाव को स्वीकार कर रहे हैं काशी विश्वनाथ धाम जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर प्लास्टिक प्रतिबंध लागू करना सिर्फ एक नियम नहीं है बल्कि यह पर्यावरण स्वच्छता और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन कायम करने की एक मिसाल है यह कदम प्रदूषण को कम करने गंगा नदी की पवित्रता बनाए रखने और वाराणसी को एक स्वच्छ हरित और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण के लिए एक बड़ा कदम है जो देशभर के अन्य धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।