महिला न्यूज एंकर ने चैनल ऑफिस में ही की आत्महत्या जानिए पूरी कहानी
एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है एक जानी-मानी महिला न्यूज एंकर ने अपने ही चैनल के ऑफिस में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी यह घटना न सिर्फ मीडिया जगत बल्कि आम लोगों में भी चर्चा का विषय बन गई है। लोग सोच रहे हैं कि रोज़ स्क्रीन पर हंसती-मुस्कुराती नजर आने वाली यह एंकर आखिर इतनी परेशान क्यों थी कि उसने यह कदम उठाया।
महिला न्यूज एंकर ने चैनल ऑफिस में आत्महत्या की, पुलिस जांच जारी,घटना उस दिन कैसे हुई
उस दिन एंकर सुबह अपने काम पर पहुंची किसी ने उसके व्यवहार में कुछ असामान्य नहीं देखा वह अपने डेस्क पर बैठी कंप्यूटर चालू किया और न्यूज लाइन अप चेक करने लगी। दोपहर करीब 1 बजे जब वह लंबे समय तक अपने केबिन से बाहर नहीं आई तो सहकर्मियों ने दरवाजा खटखटाया कोई जवाब न मिलने पर सिक्योरिटी को बुलाया गया। दरवाजा खोलने पर सभी दंग रह गए एंकर अपने ही केबिन में फांसी पर लटकी मिली।
सहकर्मियों ने क्यों नहीं देखा?
चैनल स्टाफ ने बताया कि एंकर हमेशा शांत और प्रोफेशनल रहती थी वह अपने निजी मामलों को किसी के साथ साझा नहीं करती थी पिछले कुछ हफ्तों से वह कम बोल रही थी और ज्यादातर अकेले रहती थी। सहकर्मी सोच रहे थे कि शायद वह काम के तनाव से परेशान है, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर है पुलिस को मौके से एक छोटी डायरी मिली है जिसमें निजी बातें लिखी हुई थीं हालांकि कोई साफ सुसाइड नोट नहीं मिला पुलिस अब उसके मोबाइल कॉल डिटेल्सचैट्स और सोशल मीडिया एक्टिविटी की जांच कर रही है। शुरुआती अनुमान है कि वह किसी निजी तनाव या रिश्ते की परेशानी से गुजर रही थी, लेकिन अधिकारी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी सबूत इकट्ठा करना चाहते हैं।
परिवार का बयान क्या यह काम का दबाव था?
एंकर के परिवार ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से परेशान थी लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह इतना बड़ा कदम उठाएगी परिवार वाले कह रहे हैं कि अगर वह चाहती तो किसी से बात कर सकती थी लेकिन शायद अंदर की पीड़ा इतनी गहरी थी कि वह इसे बाहर नहीं ला पाई चैनल ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है उन्होंने कहा कि वह हमेशा अपनी टीम के साथ खड़े रहते हैं और कर्मचारियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हैं चैनल ने पुलिस के साथ पूरी जांच में सहयोग देने की बात कही है मीडिया इंडस्ट्री में काम करने वाले जानते हैं कि यहाँ का तनाव कितना भारी होता है लगातार लाइव शो डेडलाइन्स ब्रेकिंग न्यूज़ TRP का दबाव और सोशल मीडिया की आलोचनाएं सब मिलकर किसी भी इंसान को थका सकते हैं कई बार लोग स्क्रीन पर मुस्कुराते हुए दिखते हैं लेकिन अंदर से टूट चुके होते हैं यह मामला इसका साफ उदाहरण है।
अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं