बांदा में सड़क सुरक्षा जागरूकता बेटियों का नुक्कड़ नाटक बना मिसाल

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बांदा में सड़क सुरक्षा जागरूकता बेटियों का नुक्कड़ नाटक बना मिसाल

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक अनोखी पहल की गई शहर की स्कूल की छात्राओं ने मुख्य कचहरी चौराहे पर नुक्कड़ नाटक के जरिए आम जनता को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की सीख दी यह कार्यक्रम प्रशासन की ओर से सड़क हादसों को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा था।

बांदा में बेटियों का नुक्कड़ नाटक सड़क सुरक्षा पर जागरूक करता मिसाल
                          बांदा में बेटियों का नुक्कड़ नाटक सड़क सुरक्षा पर जागरूक करता मिसाल

घने कोहरे और सड़क सुरक्षा की चुनौती

बांदा में सर्दियों में सुबह‑शाम घना कोहरा पड़ता है जिससे सड़क पर विज़िबिलिटी घट जाती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे हालात में वाहन चालकों को फॉग लाइट का सही उपयोग सीमित गति हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी प्रशासन ने इस दौरान सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें स्कूल की छात्राओं ने मुख्य भूमिका निभाई। छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक में यह दिखाया कि घने कोहरे में तेज़ रफ्तार से वाहन चलाना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करना कितने खतरनाक परिणाम ला सकता है उन्होंने लोगों को समझाया कि यदि कोहरा ज्यादा हो तो वाहन चलाने के बजाय इंतजार करना सुरक्षित है नाटक में फॉग लाइट हेलमेट सीट बेल्ट सीमित गति और सुरक्षित दूरी बनाए रखने का महत्व प्रभावशाली ढंग से पेश किया गया।

जनता की भागीदारी और प्रतिक्रिया

कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की लोगों ने कहा कि बच्चों के माध्यम से सड़क सुरक्षा संदेश पहुँचाना अधिक प्रभावशाली और यादगार होता है कुछ नागरिकों ने बताया कि उन्होंने इससे प्रेरणा लेकर अपने परिवार के साथ सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का निर्णय लिया बांदा के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सड़क सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है उन्होंने बताया कि घने कोहरे में सावधानीपूर्वक ड्राइविंग फॉग लाइट का प्रयोग और सीमित गति के पालन से दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे इन नियमों का पालन करें और सड़क पर सुरक्षित व्यवहार बनाए रखें।

सड़क सुरक्षा पर सामाजिक जागरूकता

इस पहल ने न केवल स्थानीय नागरिकों को जागरूक किया बल्कि सामाजिक स्तर पर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी दिया छात्राओं के नुक्कड़ नाटक ने यह साबित किया कि बच्चों और युवाओं के माध्यम से संदेश फैलाना अधिक प्रभावशाली हो सकता है ट्रैफिक विभाग ने घोषणा की कि आने वाले समय में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिससे नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति समझ और जिम्मेदारी बढ़ सके स्कूल और कॉलेज की छात्राएं भविष्य में भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करेंगी बांदा में घने कोहरे के बीच आयोजित नुक्कड़ नाटक आधारित सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान एक मिसाल बन गया है

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