बदायूं में अनोखी शादी पिंकी ने कान्हा से लिए फेरे परिवार और गांव बने साक्षी
बदायूं जिले में हाल ही में एक ऐसा अनोखा विवाह हुआ जिसने पूरे इलाके में लोगों का ध्यान खींच लिया। यहां रहने वाली पिंकी नाम की युवती ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के साथ सात फेरे लेकर शादी रचाई यह घटना सिर्फ एक साधारण धार्मिक अनुष्ठान नहीं थी बल्कि ऐसा दृश्य था जिसे देखने के लिए गांव के लोग खुद चलकर आए।
बदायूं में अनोखी शादी: पिंकी ने भगवान कान्हा से लिए सात फेरेकान्हा को जीवनसाथी मानने की बचपन से थी इच्छा
परिवार के अनुसार पिंकी बचपन से ही भगवान कृष्ण की परम भक्त रही है वह हमेशा से कान्हा को अपना जीवनसाथी मानकर उनके सामने प्रणाम करती थी। जैसे जैसे उम्र बढ़ी उसका यह भाव और गहरा होता गया जब घर में उसके विवाह की बात चली तो उसने साफ कहा कि वह केवल श्रीकृष्ण से ही विवाह करेगी पहले तो घरवालों को उसकी बात समझ नहीं आई लेकिन जब उन्होंने उसकी श्रद्धा और भावनाओं को महसूस किया तो पूरा परिवार उसके साथ खड़ा हो गया इसके बाद पंडित जी से चर्चा की गई और तय किया गया कि विवाह पूरी विधि विधान से कराया जाएगा।
धूमधाम से आई बारात ढोल-नगाड़ों के बीच हुई जयमाला
इस शादी की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसमें हर रस्म ऐसे निभाई गई जैसे किसी सामान्य दूल्हे की शादी में होती है भगवान कृष्ण की सुंदर सजी धजी प्रतिमा को दूल्हे की तरह सजाकर बारात के रूप में लाया गया ढोल-नगाड़ों की धुन नाचते हुए लोग और उत्साह से भरा माहौल देखकर कोई भी कह नहीं सकता था कि यह सामान्य विवाह जैसा नहीं है।
पिंकी ने मंच पर भगवान कृष्ण की मूर्ति को जयमाला पहनाई और पूरा परिवार इस पल का गवाह बना जयमाला के बाद दूल्हा-दुल्हन की तरह प्रतिमा और पिंकी को मंडप तक ले जाया गया जहां परंपरा अनुसार अग्नि के सामने सात फेरे लिए गए पंडित जी ने मंत्र पढ़े और परिवार ने सभी रस्में पूरी श्रद्धा के साथ निभाईं।
परिवार और गांव के लोग भी हुए इस विवाह के साक्षी
इस विवाह में सिर्फ परिवार ही नहीं बल्कि आसपास के गांव के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे कई लोगों ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा विवाह पहली बार देखा है। हालांकि किसी ने इसका विरोध नहीं किया बल्कि सभी ने पिंकी की आस्था का सम्मान किया गांव के बुजुर्गों ने भी कहा कि श्रद्धा की अपनी शक्ति होती है और अगर कोई भक्त भगवान को अपना पति या पत्नी मानकर पूजा करता है तो इसमें किसी तरह की गलत बात नहीं है।
जैसे ही शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचे यह पूरी घटना तेजी से वायरल हो गई। लोग अलग-अलग तरह से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं कुछ ने इसे भक्ति का सर्वोच्च रूप बताया तो कुछ ने इसे एक अनोखी और अलग परंपरा कहा। चर्चा चाहे जैसी भी हो लेकिन इससे यह साफ है कि पिंकी की यह शादी अब एक बड़ी खबर बन चुकी है और पूरे जिले में लोग इसे लेकर बात कर रहे हैं।
पंडित जी का बयान धर्म में भक्ति सबसे ऊपर
विवाह संपन्न कराने वाले पंडित ने बताया कि हिंदू धर्म में भक्ति और भावना को सर्वोपरि माना गया है। अगर कोई भक्त अपनी श्रद्धा से भगवान को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार करता है तो परंपराओं में इसका कोई निषेध नहीं है उन्होंने कहा कि विवाह की हर रस्म पूर्ण शुद्धता के साथ कराई गई और इसमें किसी भी प्रकार का धार्मिक विरोधाभास नहीं था।
बदायूं में हुई यह अनोखी शादी सिर्फ चर्चा का विषय नहीं बनी है बल्कि यह एक ऐसा उदाहरण भी बन गई है कि आस्था इंसान को किस हद तक समर्पित कर सकती है। पिंकी ने अपने विश्वास को जीते हुए वह कदम उठाया जिसके बारे में लोग केवल सोचते हैं। चाहे कोई इसे श्रद्धा कहे या अनोखी परंपरा लेकिन इस विवाह ने यह साबित कर दिया कि विश्वास का मार्ग अलग हो सकता है पर उसका उद्देश्य हमेशा पवित्र ही होता है।