बहराइच में IAS आलोक प्रसाद पर होमगार्ड ने लगाया गाली देने का आरोप
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक विवादित मामला सामने आया है जिसमें महसी तहसील में तैनात IAS अधिकारी आलोक प्रसाद पर उनके सुरक्षा में तैनात होमगार्ड जवानों ने गाली‑गलौज और उत्पीड़न का आरोप लगाया है यह मामला प्रशासनिक विवाद के रूप में सुर्खियों में आया है और अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू की है।होमगार्डों का आरोप अधिकारी का पक्ष
तीन होमगार्ड जवानों — राजाराम शुक्ला रामाकान्त मिश्र और राम कुमार तिवारी — ने आरोप लगाया कि IAS आलोक प्रसाद ने उन्हें जातिसूचक गाली दी धमकी दी और ड्यूटी के दौरान उत्पीड़न किया उनका कहना है कि अधिकारी ने उन्हें शारीरिक दंड की चेतावनी भी दी और उनके साथ दुर्व्यवहार किया होमगार्डों ने प्रशासन को लिखित शिकायत दी और मामले की गहन जांच की मांग की IAS आलोक प्रसाद ने होमगार्डों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार और अफवाह बताया उनका कहना है कि उन्होंने सिर्फ होमगार्ड जवानों को एक फरियादी के प्रति संवेदनशील न होने पर फटकार लगाई थी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का जातिगत भेदभाव या अपशब्द उनके द्वारा इस्तेमाल नहीं किए गए।
प्रशासनिक और पुलिस जांच मामला मीडिया में
घटना की रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन ने आपसी जांच शुरू कर दी प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि होमगार्डों के आरोपों का समर्थन करने के लिए ठोस सबूत नहीं हैं अधिकारियों का कहना है कि मामला बेआधार साबित होने की संभावना है लेकिन पूरी जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा यह मामला स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। कई न्यूज पोर्टल्स ने इसे प्रशासनिक विवाद और सरकारी अधिकारी पर लगे आरोप के रूप में कवर किया। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि मामले में IAS आलोक प्रसाद का करियर प्रभावित नहीं होगा क्योंकि अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं इस विवाद ने प्रशासनिक तंत्र में कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच संबंधों पर सवाल उठाए हैं यह घटना यह स्पष्ट करती है कि सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों के बीच पारदर्शिता और सही संवाद होना कितना महत्वपूर्ण है। अगर छोटी बातों पर विवाद बढ़ जाए तो प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकता है।
भविष्य की कार्रवाई
जिला प्रशासन ने यह भरोसा दिलाया है कि निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी जांच पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई या प्रशासनिक सुधार किया जाएगा अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण और संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है बहराइच में यह मामला यह दर्शाता है कि प्रशासनिक विवाद और आरोप-प्रत्यारोप किस प्रकार मीडिया और समाज में चर्चा का विषय बन सकते हैं। IAS आलोक प्रसाद पर लगे आरोपों की जांच जारी है और अभी तक उन्हें बेआधार पाया गया है लेकिन पूरी प्रक्रिया के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा यह घटना प्रशासनिक तंत्र के महत्व और सुरक्षा कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच सामंजस्य की आवश्यकता को उजागर करती है।