IND vs PAK: न हाथ मिलाया न बात की कप्तान सूर्या ने सलमान आगा को फिर किया इग्नोर
टॉस के दौरान क्या हुआ क्या यह नो हैंडशेक पॉलिसी है
पिछले कुछ समय से भारत-पाक मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच औपचारिक दूरी देखी गई है कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह टीम की रणनीतिक या प्रोटोकॉल आधारित नीति हो सकती है हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी बोर्ड ने नो हैंडशेक पॉलिसी की पुष्टि नहीं की है इसलिए इसे पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय या परिस्थितिजन्य कदम भी माना जा सकता है क्रिकेट में कई बार खिलाड़ी मैच के दबाव में सिर्फ अपने फोकस पर ध्यान देते हैं और औपचारिकताओं पर कम ध्यान देते हैं।
सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रिया
कई भारतीय फैंस ने सूर्या के इस रुख का समर्थन किया उनका कहना था कि मैदान पर फोकस केवल खेल पर होना चाहिए और औपचारिक हैंडशेक जरूरी नहीं है कुछ फैंस ने इसे खेल भावना के खिलाफ माना उनका कहना था कि हैंडशेक और सम्मान ऐसे छोटे इशारे हैं जो खेल की परंपरा का हिस्सा हैं और उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए इस तरह IND vs PAK हैंडशेक विवाद ने क्रिकेट फैंस के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ पैदा की हैं IND vs PAK मुकाबले में सूर्या और सलमान आगा के बीच हैंडशेक न होना चर्चा का विषय जरूर बना, लेकिन इसका मैच के परिणाम या खेल की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ा क्रिकेट खेल भावना रणनीति और प्रदर्शन का नाम है।
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