मेरठ में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश WhatsApp पर लड़कियों की फोटो भेजकर बुलाए जाते थे ग्राहक
मेरठ में हाल ही में पुलिस ने एक ऐसे सेक्स रैकेट का खुलासा किया है जिसने पूरे शहर को चौंका दिया बताया जा रहा है कि यह अवैध नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और ग्राहकों तक पहुँचने के लिए WhatsApp जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था।
मेरठ पुलिस की कार्रवाई से अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़।
कैसे चला रहा था गिरोह अपना नेटवर्क
पुलिस की छापेमारी के बाद यह मामला सामने आया कि आरोपी ग्राहकों को WhatsApp पर लड़कियों की तस्वीरें भेजते थे और फिर उनसे डील तय करते थे जैसे ही यह खबर सामने आई इलाके में हड़कंप मच गया सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क को बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था गिरोह के सदस्य पहले संभावित ग्राहकों से संपर्क करते थे और फिर उन्हें WhatsApp पर फोटो और जानकारी भेजते थे ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार लड़की चुनते थे और उसके बाद समय और स्थान तय किया जाता था यह पूरा काम काफी गोपनीय तरीके से किया जाता था ताकि किसी को इस गतिविधि की भनक न लगे पुलिस के अनुसार इस तरह का तरीका अपनाकर गिरोह लंबे समय से अपना धंधा चला रहा था और कई लोग इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
पुलिस को कैसे मिली सूचना छापेमारी में क्या मिला
मेरठ पुलिस को इस मामले की जानकारी गुप्त सूचना के माध्यम से मिली थी सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले इस पूरे मामले पर नजर रखी और फिर सही समय का इंतजार किया जब पुलिस को पूरी तरह यकीन हो गया कि यहाँ अवैध गतिविधियाँ चल रही हैं तब एक टीम बनाकर मौके पर छापा मारा गया छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई लोगों को मौके से गिरफ्तार किया और कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की गई पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई अहम चीजें सामने आईं मौके से मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए जिनमें WhatsApp चैट फोटो और संपर्क सूची जैसी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है इन सबूतों से यह साफ हो गया कि ग्राहकों को ऑनलाइन तरीके से संपर्क किया जाता था और फिर उन्हें तय स्थान पर बुलाया जाता था पुलिस अब इन मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल
आज के समय में WhatsApp और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोगों के बीच संपर्क का एक आसान माध्यम बन चुके हैं लेकिन कुछ लोग इनका इस्तेमाल गलत गतिविधियों के लिए भी करने लगे हैं इस मामले में भी देखा गया कि गिरोह ने WhatsApp के जरिए ग्राहकों से संपर्क कर अवैध धंधा चलाने की कोशिश की यही कारण है कि अब पुलिस और साइबर टीम ऐसे मामलों पर विशेष नजर रख रही है पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले की जांच अभी जारी है गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है इसके अलावा पुलिस उन लोगों की पहचान भी कर रही है जो WhatsApp के जरिए इस रैकेट से जुड़े हुए थे अगर जांच में और नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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