कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग पर सियासत तेज, राहुल गांधी के बयान पर मायावती का पलटवार

NewsRohit
0

कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग पर सियासत तेज राहुल गांधी के बयान पर मायावती का पलटवार

कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने आज लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि बहुजन नेता Kanshi Ram को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए उन्होंने इसे भारत के सामाजिक न्याय आंदोलन को मान्यता देने वाला कदम बताया इस मांग को स्थानीय दलित समूहों और कांग्रेस समर्थकों ने समर्थन दिया है इसके तुरंत बाद भाजपा नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि भारत रत्न की प्रक्रिया जमीनी स्तर पर पारदर्शी और संस्थागत होनी चाहिए उन्होंने यह भी जोड़ा कि सम्मान के निर्णय को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए इससे यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है।

मायावती ने कांग्रेस पर पलटवार किया।
                                         मायावती ने कांग्रेस पर पलटवार किया।

मायावती ने कांग्रेस पर किया पुराना इतिहास याद

बसपा प्रमुख Mayawati ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी इतिहास में दलित नेताओं को सम्मान देने में पीछे रही है उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में रहते हुए कभी कांशीराम को सर्वोच्च सम्मान नहीं दे पाई इसलिए आज केवल बयान देकर भावनाओं से खेलना सही नहीं है मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे कांग्रेस के वोट बैंक की राजनीति की नक़ल न करें और बसपा को मजबूत दलित हितों का प्रतिनिधि बनाए रखें असल में यह बयान यह दिखाता है कि बसपा और कांग्रेस दोनों ही आज दलित समर्थन हासिल करने की कोशिश में हैं।

राजनीति में अन्य प्रतिक्रियाएँ भी सामने आईं

हालिया विवाद पर केंद्रीय और राज्य राजनीति के अन्य नेता भी बयान दे रहे हैं उदाहरण के लिए वरिष्ठ नेता असीम अरुण ने कांग्रेस को दलित राजनीति का केवल शो ऑफ़ करने वाला बताया है और कहा कि इससे दलित समुदाय के अधिकारों को बल मिलेगा या नहीं यह देखा जाना चाहिए उधर इस मुद्दे का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में रणनीतिक महत्व भी बताया जा रहा है क्योंकि पार्टियाँ कांशीराम की जयंती के मौके पर दलित वोटों को आकर्षित करने के लिए अलग‑अलग कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं।

क्यों बनेगी यह विषय चुनावी रणनीति का हिस्सा?

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि 2027 के चुनावों के मद्देनज़र दलित नेताओं के नाम पर चल रही बहस पार्टियों के रणनीतिक कदम का हिस्सा है कांग्रेस इस मुद्दे को सामाजिक न्याय की लड़ाई के तौर पर पेश कर रही है जबकि बसपा इसे पार्टी की पहचान से जोड़ रही है इस तरह कांशीराम के भारत रत्न मामले ने केवल सम्मान का मुद्दा नहीं बनाया बल्कि आगामी चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित किया है कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग पर सियासत तेज़ हो गई है राहुल गांधी का बयान और मायावती की तीखी प्रतिक्रिया दोनों ने इसे राजनीतिक बहस का रूप दे दिया है अब यह कहना कठिन नहीं है कि आने वाले महीनों में यह मुद्दा और तेज़ी से उभर सकता है।


और पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

आपकी राय क्या है नीचे कमेंट करें।

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!