दिल्ली शराब नीति केस में नया मोड़ केजरीवाल बोले मैं खुद लड़ूंगा केस 13 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट में अगली सुनवाई
दिल्ली की शराब नीति (Excise Policy Case) से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है इस केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अदालत में बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह इस मामले में अपना केस खुद लड़ेंगे दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई और अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 13 अप्रैल तय कर दी है इस बयान के बाद दिल्ली की राजनीति और कानूनी हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है दिल्ली शराब नीति केस पहले से ही काफी विवादों में रहा है और अब केजरीवाल का खुद कोर्ट में बहस करने का फैसला इस मामले को और दिलचस्प बना रहा है।
दिल्ली शराब नीति केस में नया मोड़शराब नीति केस क्या है और क्यों बना बड़ा मुद्दा
दिल्ली सरकार की नई शराब नीति 2021–22 को लेकर शुरू से ही विवाद रहा है इस नीति के तहत दिल्ली में शराब की बिक्री और लाइसेंसिंग सिस्टम में कई बदलाव किए गए थे विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि इस नीति में अनियमितताएं हुईं और कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया इसी आरोप के आधार पर CBI और ED ने जांच शुरू की जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ हुई और कुछ गिरफ्तारियां भी हुईं बाद में बढ़ते विवाद और जांच के दबाव के चलते दिल्ली सरकार ने इस नीति को वापस ले लिया लेकिन इसके बावजूद मामला अदालतों तक पहुंच गया और आज भी यह केस देश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
हाईकोर्ट में केजरीवाल का बड़ा बयान
हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल ने अदालत से कहा कि वह इस मामले में वकील के बजाय खुद अपनी दलीलें पेश करना चाहते हैं उनका कहना है कि वह इस केस से जुड़े तथ्यों को सीधे अदालत के सामने रखना चाहते हैं कोर्ट ने उनकी बात को रिकॉर्ड पर लिया और मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को तय कर दी अदालत में यह भी चर्चा हुई कि केस से जुड़े कुछ कानूनी मुद्दों पर आगे विस्तार से बहस होगी केजरीवाल का यह फैसला काफी चर्चा में है क्योंकि आमतौर पर ऐसे बड़े मामलों में वरिष्ठ वकील ही अदालत में बहस करते हैं।
राजनीतिक और कानूनी हलकों में बढ़ी चर्चा
केजरीवाल के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि उनके नेता सच्चाई सामने लाने के लिए खुद अदालत में अपनी बात रखेंगे वहीं विपक्षी पार्टियों का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक रणनीति हो सकती है दूसरी तरफ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत में खुद बहस करना एक बड़ा फैसला होता है और इसके लिए केस की पूरी जानकारी और मजबूत तर्कों की जरूरत होती है इसलिए अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि 13 अप्रैल की सुनवाई में क्या नया मोड़ आता है।
आगे क्या हो सकता है इस केस में
दिल्ली शराब नीति केस का असर केवल अदालत तक सीमित नहीं है बल्कि इसका असर दिल्ली की राजनीति पर भी पड़ रहा है अगर अदालत में आगे कोई बड़ा फैसला आता है तो इसका राजनीतिक माहौल पर भी प्रभाव पड़ सकता है फिलहाल अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 13 अप्रैल की तारीख तय की है और उसी दिन यह स्पष्ट हो सकता है कि केस किस दिशा में आगे बढ़ेगा इस बीच जांच एजेंसियां भी अपनी रिपोर्ट और सबूतों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही हैं दिल्ली का Excise Policy Case अरविंद केजरीवाल का खुद केस लड़ने का फैसला 13 अप्रैल की सुनवाई इस मामले में बेहद अहम मानी जा रही है
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