दुर्गा शक्ति नागपाल पर ₹1.63 करोड़ का जुर्माना: सरकारी बंगले पर अनधिकृत कब्जा, IARI का फैसला

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दुर्गा शक्ति नागपाल पर ₹1.63 करोड़ का जुर्माना: सरकारी बंगले पर अनधिकृत कब्जे का मामला

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2025 – उत्तर प्रदेश कैडर की 2010 बैच की आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) ने दिल्ली के पुसा परिसर में स्थित उनके सरकारी बंगले पर अनधिकृत रूप से रहने के लिए ₹1.63 करोड़ का जुर्माना लगाया है। मामला उनके बंगले पर मई 2022 से फरवरी 2025 तक अनधिकृत कब्जे से जुड़ा हुआ है।
मामला मई 2022 से फरवरी 2025 तक के अनधिकृत कब्जे का।
भविष्य की सुनवाई और मंत्रालय के निर्णय का इंतजार।


बंगला आवंटन और विवाद की शुरुआत

दुर्गा शक्ति नागपाल को मार्च 2015 में, जब वे केंद्रीय कृषि मंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) के रूप में कार्यरत थीं, पुसा परिसर में बंगला B-17 (Type VI-A) आवंटित किया गया था। उन्होंने अप्रैल 2015 में बंगले में प्रवेश किया और ₹6,600 मासिक किराया तथा पानी के शुल्क का भुगतान शुरू किया।
उनकी कृषि मंत्रालय में नियुक्ति मई 2019 में समाप्त हो गई, लेकिन वे बंगले में बनी रहीं। इसके बाद वे वाणिज्य मंत्रालय में कार्यरत रहीं और 2021 में उत्तर प्रदेश कैडर में लौट आईं। इस दौरान बंगले में उनका निवास अनधिकृत माना गया।

IARI का नोटिस और जुर्माने का निर्धारण

IARI ने मई 2022 में दुर्गा शक्ति नागपाल को सूचित किया कि बंगले में उनका निवास अब मान्य नहीं है। इसके बाद मई 2022 से फरवरी 2025 तक के लिए जुर्माने के रूप में ₹1,63,57,550 की राशि तय की गई। इसमें पहले महीने का ₹92,000 और उसके बाद बढ़ती हुई राशि शामिल है।
IARI का कहना है कि नियम स्पष्ट हैं – सरकारी बंगले में अनधिकृत निवास या अवधि बढ़ाना अपराध माना जाता है और उसके लिए जुर्माना लगाया जा सकता है।

 दुर्गा शक्ति नागपाल का पक्ष

नागपाल ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता की स्वास्थ्य समस्याओं के कारण निवास की अवधि बढ़ाने के लिए मंत्रालय से अनुमति मांगी थी, जिसे स्वीकृति मिली थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने सभी निर्धारित शुल्क का भुगतान किया और बंगला खाली कर दिया।
उनका कहना है कि कुछ दस्तावेजों की कमी के कारण अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया, जो उन्होंने अनुचित और अव्यावहारिक बताया। उन्होंने मंत्रालय से जुर्माने को माफ करने की अपील की है, जो अभी प्रक्रिया में है।
मामला मई 2022 से फरवरी 2025 तक के अनधिकृत कब्जे का।
आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल पर दिल्ली के सरकारी बंगले पर जुर्माना।


सरकारी नियम और प्रशासनिक प्रक्रिया

यह मामला सरकारी आवासों के आवंटन और उपयोग के नियमों की गंभीरता को उजागर करता है। सरकारी बंगले आवंटन में समय सीमा, अनुमति और शुल्क का पालन अनिवार्य है। यदि कोई अधिकारी नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे जुर्माना और कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के मामले प्रशासनिक पारदर्शिता और कानून की पालना सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इससे भविष्य में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमों का पालन करने की प्रेरणा मिलती है।

हालांकि दुर्गा शक्ति नागपाल ने व्यक्तिगत कारणों से निवास की अवधि बढ़ाई और सभी निर्धारित शुल्कों का भुगतान किया था, फिर भी IARI ने जुर्माना लगाया। यह मामला यह बताता है कि सरकारी नियम और पारदर्शिता कितनी महत्वपूर्ण है।
इस घटना से यह भी संदेश मिलता है कि किसी भी अधिकारी को नियमों के दायरे से बाहर नहीं होना चाहिए और किसी भी फैसले से पहले उचित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।

लोकप्रिय प्रतिक्रिया और भविष्य

दुर्गा शक्ति नागपाल की ईमानदारी और सख्ती हमेशा चर्चा में रही है। उनके कार्यों ने कई प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इस जुर्माने के बावजूद उनकी छवि पर असर नहीं पड़ा और उन्हें प्रशासनिक अनुशासन और नियम पालन का प्रतीक माना जा रहा है।
इस मामले का भविष्य मंत्रालय और कोर्ट के निर्णय पर निर्भर करेगा। जुर्माने की राशि और प्रक्रियाओं पर आगे की सुनवाई में स्पष्टता आएगी।

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