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गुरुग्राम में बड़ा साइबर फ्रॉड खुलासा चीन के ठगों की मदद करते 3 आरोपी गिरफ्तार

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गुरुग्राम में बड़ा साइबर फ्रॉड खुलासा चीन के ठगों की मदद करते 3 आरोपी गिरफ्तार

हर दिन बढ़ते साइबर अपराधों के बीच एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी से जुड़े एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है इस कार्रवाई में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जो कथित तौर पर चीन के साइबर ठगों को भारत से तकनीकी मदद दे रहे थे यह मामला न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है।
गुरुग्राम पुलिस की छापेमारी की तस्वीर
                                      गुरुग्राम पुलिस की छापेमारी की तस्वीर

कैसे हुआ साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा?

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के एक किराए के फ्लैट से संदिग्ध गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) के सहयोग से संयुक्त छापेमारी की जांच के दौरान पता चला कि आरोपी एक अवैध वर्चुअल SIM बॉक्स सिस्टम चला रहे थे यह सिस्टम विदेशी कॉल्स को भारतीय लोकल नंबर की तरह दिखाता था इसका इस्तेमाल चीन में बैठे साइबर अपराधी भारतीय लोगों को धोखाधड़ी भरे कॉल करने के लिए कर रहे थे पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया जिनमें एक महिला भी शामिल है।

वर्चुअल SIM बॉक्स क्या है और कैसे करता है काम?

वर्चुअल SIM बॉक्स एक अत्याधुनिक लेकिन अवैध टेलीकॉम डिवाइस है यह अंतरराष्ट्रीय VoIP कॉल को स्थानीय मोबाइल कॉल में बदल देता है जब किसी व्यक्ति को कॉल लोकल नंबर से आती है तो उसे शक कम होता है और वह आसानी से बात पर भरोसा कर लेता है साइबर ठग इसी तकनीक का फायदा उठाकर लोगों को फंसाते हैं वे खुद को बैंक अधिकारी सरकारी एजेंसी का कर्मचारी या निवेश सलाहकार बताकर लोगों से बैंक डिटेल्स OTP और निजी जानकारी हासिल कर लेते हैं पुलिस की कार्रवाई में कई अहम इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं इनमें शामिल हैं कई मोबाइल फोन बड़ी संख्या में सक्रिय SIM कार्ड वर्चुअल SIM बॉक्स डिवाइस लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम Wi-Fi राउटर और नेटवर्क उपकरण इन उपकरणों से साफ संकेत मिलता है कि यह कोई छोटा-मोटा ऑपरेशन नहीं था बल्कि संगठित तरीके से चलाया जा रहा साइबर फ्रॉड नेटवर्क था पुलिस अब जब्त किए गए डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच कर रही है जिससे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

साइबर क्राइम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
                                        साइबर क्राइम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

साइबर ठगी का तरीका कितना खतरनाक?

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बना रहा था इनमें फर्जी बैंक कॉल KYC अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी निवेश का झांसा और डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीके शामिल हैं सबसे खतरनाक बात यह है कि कॉल लोकल नंबर से आने के कारण लोग आसानी से झांसे में आ जाते हैं कई मामलों में पीड़ितों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है यही वजह है कि इस तरह के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी हो गई है इस घटना के बाद साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना और भी जरूरी हो गया है विशेषज्ञों के अनुसार किसी अनजान कॉल पर बैंक या निजी जानकारी साझा न करें OTP और पासवर्ड किसी के साथ न बांटें संदिग्ध लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से बचें साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का ही उपयोग करें थोड़ी सी जागरूकता आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है शुरुआती जांच से संकेत मिला है कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ हो सकता है अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं  गुरुग्राम में सामने आया यह साइबर फ्रॉड केस डिजिटल युग की एक बड़ी हकीकत को उजागर करता है तकनीक जहां सुविधाएं लेकर आई है वहीं अपराधियों के लिए नए रास्ते भी खोल दिए हैं चीन से जुड़े साइबर ठगों को भारत से मिल रही मदद का खुलासा बेहद गंभीर मामला है पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है  सतर्कता और समझदारी ही डिजिटल दुनिया में सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

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