चंदौली में पुलिस का बड़ा खुलासा ट्रक में पुट्टी के नीचे 1.20 करोड़ की शराब छिपी मिली!

NewsRohit
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चंदौली में पुलिस का बड़ा खुलासा ट्रक में पुट्टी के नीचे 1.20 करोड़ की शराब छिपी मिली!

चंदौली (उत्तर प्रदेश) के सैयदराजा थाना क्षेत्र में एक बड़े अवैध शराब तस्करी का पर्दाफाश हुआ है पुलिस ने नेशनल हाईवे (NH‑19) पर चेकिंग के दौरान एक ट्रक को रोका और तलाशी ली ट्रक में लदी वॉल पुट्टी की बोरियों के नीचे 710 पेटियों में अंग्रेजी शराब छिपाकर रखी मिली जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹1.20 करोड़ बताई जा रही है इस कार्रवाई में पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार भी किया है यह मामला दिखाता है कि शराब तस्करी की योजनाओं को छुपाने के लिए तस्कर किस हद तक जाते हैं और पुलिस किस तरह से सावधानी तथा तकनीकी जाँच से इन्हें नाकाम कर रही है पुलिस ने बताया कि शराब की खेप नोएडा से चंदौली के रास्ते बिहार ले जाई जा रही थी बिहार में शराबबंदी लागू होने के कारण यहां अवैध शराब की मांग काफी अधिक होती है जिससे तस्कर इन बड़ी क़ीमत की खेपों को छुपाकर भेजने का प्रयास करते हैं ट्रक चालक और एक अन्य आरोपी दोनों झारखंड के निवासी बताए जा रहे हैं पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही कर रही है।

चंदौली में पकड़ी गई 1.20 करोड़ की अवैध शराब।
                                    चंदौली में पकड़ी गई 1.20 करोड़ की अवैध शराब।

जाँच और पकड़ी गई खेप के पीछे की कहानी

जाँच में सामने आया कि तस्करों ने शराब की पेटियों को पुट्टी की बोरी के नीचे छिपा रखा था ताकि पुलिस को शक न हो इस तरह के छिपाने के तरीकों को पुलिस ने भंडाफोड़ किया और शराब की बरामदगी की ऐसे मामले यह दर्शाते हैं कि अवैध शराब तस्करी कितनी संगठित और योजनाबद्ध तरीके से की जाती है चंदौली पुलिस की यह कार्रवाई अजीब नहीं है पिछले सप्ताह भी पुलिस ने पंजाब से बिहार जा रही शराब की बड़ी खेप पकड़ी थी जुड़ी खबरों के अनुसार पुलिस लगातार ऐसे तस्करी रूट्स पर शिकंजा कस रही है और ऐसे अभियानों को चलाकर अवैध शराब कारोबारियों को टक्कर दे रही है इससे क्षेत्र में शराब तस्करी की रोकथाम को बल मिला है और आने वाले समय में भी ऐसे अभियानों को तेज़ किया जा रहा है।


अवैध शराब तस्करी क्यों खतरे की बात है?

अवैध शराब तस्करी न सिर्फ कानून का उल्लंघन है बल्कि यह सामाजिक और स्वास्थ्य के लिहाज से भी काफी जोखिम भरी होती है अवैध शराब की गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं होती और इससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या हो सकती है अवैध शराब के कारण हृदय लीवर और अन्य अंगों को भी नुकसान पहुँच सकता है जिसकी वजह से कई बार मृत्यु तक के मामले सामने आते रहे हैं इसके अलावा बिहार जैसे राज्य जहां शराबबंदी लागू है तस्करी का चलन बढ़ने से गैरकानूनी नेटवर्क और भी मजबूत होते हैं और राज्य की कानून व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ता है ऐसे में पुलिस की सतर्कता बेहद आवश्यक है ताकि न केवल तस्करी को रोका जा सके बल्कि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके चंदौली में ट्रक से 1.20 करोड़ की अवैध शराब की बरामदगी लेकिन पुलिस की सतर्कता और समाज की भागीदारी से इसे रोका जा सकता है तस्करी रोकना सिर्फ कानून का पालन नहीं बल्कि समाज की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी अनिवार्य है।


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